मेरी जान तुम बरेली चलो

 



मेरी जान तुम बरेली चलो   

यहां की रोड पे है जाम, तुम बरेली चलो।

यहां पे मेरा नहीं काम, तुम बरेली चलो।

तुम्हें बचा न सकूंगा मैं, मेरी जान,

तुम बरेली चलो।

यहां बिगड़ते बने काम, तुम बरेली चलो।

कत्लो गारत की रात है सागर,

नहीं महफूज जनो आम, तुम बरेली चलो।

वहां के झुमके के, सुने हैं बड़े ही चर्चे।

देख लेंगें उसे हम भी तो सरेशाम, तुम बरेली चलो

पैग पटियाला पी के, रात अपनी गुजरेगी,

होगी मदहोश अपनी शाम, तुम बरेली चलो।

बेवफाओं का यहां पे हुजूम है सागर,

हम भी तो हो गये बदनाम, तुम बरेली चलो।

सूखा इनकी नजर का धीरे-धीरे है पानी,

आगे होगा क्या अंजाम, तुम बरेली चलो।

--00—

                 दया शंकर मिश्र सागर

                मो. 9415429279

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